सरकारी बिक्री और नई फसल के दबाव में गेहूं के भाव पड़े फीके
एफसीआई द्वारा ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) के तहत लगातार की जा रही गेहूं की बिक्री का असर बाजार पर साफ नजर आ रहा है। सोमवार को मंडियों में लिवाली सुस्त रही और भावों में ₹10-20 प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। शाम तक दिल्ली में गेहूं के भाव ₹20 टूटकर ₹2,850 प्रति क्विंटल रह गए। अन्य प्रमुख बाजारों में भाव इस प्रकार रहे नरेला और नजफगढ़ ₹2,700, मैनपुरी ₹2,740, शाहजहांपुर ₹2,700, राजस्थान की मंडियों में लगभग ₹2,680-2,690, कोलकाता ₹3,010 और बेंगलुरु ₹3,175 प्रति क्विंटल। नई फसल की आवक तक जमाखोरी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सरकार ने गेहूं की स्टॉक लिमिट 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी है। इसके तहत थोक व्यापारियों को 2,000 मीट्रिक टन तक, रिटेलर्स को 8 मीट्रिक टन तक और मिलरों को उनकी मासिक स्थापित क्षमता के 60% तक स्टॉक रखने की अनुमति दी गई है। हाल ही में एफसीआई ने करीब 1.075 लाख टन गेहूं का आवंटन किया है, जिसमें पंजाब को 25,000 टन, असम को 15,000 टन, हरियाणा को 9,500 टन और उत्तर प्रदेश को 8,000 टन शामिल हैं। इन आवंटनों के लिए आरक्षित भाव ₹2,550 से ₹2,924 प्रति क्विंटल के दायरे में रखे गए हैं। गुजरात में फरवरी से गेहूं की आवक शुरू होने की संभावना है। इस साल वहां रिकॉर्ड 13.24 लाख हेक्टेयर में रबी की बुवाई हुई है, जिससे राजकोट और गोंडल जैसी मंडियों में सप्लाई बढ़ सकती है और उत्तर भारत के बाजारों पर दबाव बन सकता है। गुजरात से पश्चिम और दक्षिण भारत के मिलरों को सीधे आपूर्ति होने की संभावना के चलते पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से मांग कुछ कमजोर रह सकती है। मौजूदा बाजार भाव भले ही एमएसपी ₹2,425 प्रति क्विंटल से ऊपर हों, लेकिन गुजरात से संभावित आवक ₹2,550 के आसपास बड़े प्रोसेसरों के लिए एक विकल्प बन सकती है। हालांकि सरकार ने आटा, मैदा और सूजी जैसे गेहूं उत्पादों के 5 लाख टन निर्यात की अनुमति दी है, फिर भी बाजार में खास मजबूती नहीं दिख रही है। इसका कारण यह है कि निर्यात सीमित संख्या में मिलरों को सख्त शर्तों के साथ ही अनुमति दी गई है और उनके पास पहले से ही तैयार माल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जिससे नई खरीद की जरूरत कम हो जाती है। कुल मिलाकर, सरकार की लगातार OMSS बिक्री, सीमित निर्यात और गुजरात की आने वाली फसल को देखते हुए गेहूं के भावों में तेज तेजी की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है। निकट अवधि में भाव ₹20-30 के सीमित दायरे में ही बने रहने की उम्मीद है।