रबी फसलों की बुआई 3.30 प्रतिशत बढ़कर 651 लाख हेक्टेयर के पार

चालू रबी सीजन में फसलों की बुआई 3.30 प्रतिशत बढ़कर 652.33 लाख हेक्टेयर हो गई है, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 631.45 लाख हेक्टेयर थी। गेहूं के साथ-साथ दलहन और तिलहनी फसलों के रकबे में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कृषि मंत्रालय के अनुसार 16 जनवरी तक रबी की प्रमुख फसल गेहूं की बुआई बढ़कर 334.17 लाख हेक्टेयर हो चुकी है, जबकि पिछले साल इसी समय यह 328.04 लाख हेक्टेयर थी। रबी दलहनों का रकबा बढ़कर 137 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 133.18 लाख हेक्टेयर से अधिक है। दलहनों में चना की बुआई बढ़कर 95.88 लाख हेक्टेयर हो गई है, जबकि पिछले साल यह 91.22 लाख हेक्टेयर थी। मसूर की बुआई 18.12 लाख हेक्टेयर और मटर की बुआई 7.92 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में मसूर और मटर की बुआई क्रमशः 17.66 लाख हेक्टेयर और 8.27 लाख हेक्टेयर में हुई थी। हालांकि, उड़द की बुआई घटकर 4.58 लाख हेक्टेयर रह गई है, जो पिछले साल 4.88 लाख हेक्टेयर थी। चालू रबी सीजन में तिलहनी फसलों की बुआई बढ़कर 96.86 लाख हेक्टेयर हो गई है, जबकि पिछले साल यह 93.33 लाख हेक्टेयर थी। सरसों की बुआई बढ़कर 89.36 लाख हेक्टेयर हो गई है, जो पिछले वर्ष 86.57 लाख हेक्टेयर थी। मूंगफली का रकबा मामूली बढ़ोतरी के साथ 3.52 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि पिछले साल यह 3.37 लाख हेक्टेयर था। अलसी की बुआई भी बढ़कर 1.99 लाख हेक्टेयर हो गई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 1.76 लाख हेक्टेयर थी। मोटे अनाजों की बुआई बढ़कर 58.72 लाख हेक्टेयर हो गई है, जबकि पिछले साल यह 55.93 लाख हेक्टेयर थी। इनमें ज्वार की बुआई 22.54 लाख हेक्टेयर, मक्का की 25.05 लाख हेक्टेयर और जौ की 7.37 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले वर्ष के 6.08 लाख हेक्टेयर से अधिक है। इस बीच, चालू रबी सीजन में धान की रोपाई बढ़कर 25.58 लाख हेक्टेयर हो गई है, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह लगभग 20.98 लाख हेक्टेयर थी।

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