गेहूं के भाव का रुझान - कीमतें बढ़ेंगी या घटेंगी?

इस सीजन गेहूं के बाजार में कोई खास तेजी देखने को नहीं मिली है। पूरा सीजन निकल गया, लेकिन भाव ₹2,950 तक भी नहीं पहुँच पाए। पिछले साल इसी समय गेहूं के दाम ₹3,200 से ₹3,250 के दायरे में चल रहे थे। फिलहाल दिल्ली मंडी में गेहूं का भाव लगभग ₹2,780 प्रति क्विंटल पर कारोबार कर रहा है। बीते एक सप्ताह में दिल्ली मंडी के भाव में ₹20 की गिरावट दर्ज की गई है। मौजूदा बाजार रुझान की बात करें तो OMSS (ओपन मार्केट सेल स्कीम) की नीलामी के आसपास के दिनों में भाव कमजोर हो जाते हैं और अगले 2-3 दिनों में हल्का सुधार देखने को मिलता है, लेकिन फिर अगली नीलामी आते ही दोबारा दबाव बन जाता है। इसी कारण दिल्ली मंडी में गेहूं के भाव ₹2,750 से ₹2,800 के दायरे में फंसे हुए हैं। चूंकि अगली OMSS नीलामी कल होने वाली है, इसलिए कीमतों पर फिर से हल्का दबाव बनना शुरू हो गया है। सरकारी OMSS के तहत गेहूं की बिक्री में लगातार गिरावट के बावजूद सरकार गेहूं की उपलब्धता और बिडिंग की सीमा बढ़ाती जा रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो तीसरे टेंडर में 89,000 टन गेहूं की बिक्री हुई चौथे टेंडर में बिक्री घटकर 88,000 टन रह गई पांचवें टेंडर में यह और घटकर 84,000 टन हो गई बिक्री में गिरावट के बावजूद सरकार ने हर टेंडर में गेहूं का एलोकेशन बढ़ाया है। कल होने वाले टेंडर में सरकार कुल 1,26,000 टन गेहूं की पेशकश करेगी। नियमों के अनुसार लो-टेंशन (LT) कनेक्शन वाले मिलर्स के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है, जबकि हाई-टेंशन (HT) कनेक्शन वाले मिलर्स के लिए बिडिंग सीमा 200 टन बढ़ाकर 600 मीट्रिक टन कर दी गई है। OMSS के तहत सरकारी गेहूं की बिक्री घटने का मुख्य कारण यह है कि स्टॉकिस्टों के पास अभी भी बड़ी मात्रा में प्राइवेट गेहूं मौजूद है, जो मिल मालिकों को सरकारी गेहूं की तुलना में सस्ता और ज्यादा किफायती पड़ रहा है। यदि बिक्री इसी तरह कमजोर बनी रहती है, तो सरकार OMSS को बंद करने पर भी विचार कर सकती है। हमारा अनुमान है कि इस महीने के आखिरी दो टेंडर सभी राज्यों के लिए नहीं खोले जा सकते हैं। इसके अलावा, कल होने वाले टेंडर में भी बिक्री 5,000 से 10,000 टन तक और घट सकती है। मध्य फरवरी से गुजरात और मध्य प्रदेश के अधिकांश इलाकों में नए गेहूं की कटाई और आवक तेज हो जाएगी, जिससे नई फसल वाले राज्यों में भाव ₹100 तक और गिर सकते हैं। फिलहाल सासाराम, मोहनिया और बक्सर जैसे क्षेत्रों में गेहूं की अच्छी उपलब्धता बनी हुई है। वहीं, आने वाले सीजन में बड़ी MNC कंपनियां अपनी पूरी क्षमता से कम खरीद करने की योजना बना रही हैं, जिससे बाजार में नरमी का माहौल बना रह सकता है। अगर आपने गेहूं का स्टॉक कर रखा है, तो उसे निकालना उचित हो सकता है, क्योंकि इस महीने दिल्ली मंडी में भाव ₹2,700 से ₹2,800 के दायरे में ही रहने की संभावना है। मौजूदा बाजार रुझान के अनुसार गेहूं के भाव ₹2,750 से ₹2,800 के बीच 5-10 रुपये की हल्की तेजी-मंदी के साथ चल सकते हैं।

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