अरहर बाजार दबाव में; निकट अवधि में नरमी के संकेत
पिछले सप्ताह अरहर (तूर) बाजार में दबाव की स्थिति बनी रही। सप्ताह की शुरुआत में चेन्नई पोर्ट पर बर्मा लेमन 2025 और 2026 कंटेनर क्वालिटी में मिलर्स की तात्कालिक खरीद और सीमित रेडी स्टॉक के कारण तेजी देखी गई, लेकिन ऊँचे भाव पर बिकवाली बढ़ने से सप्ताह के अंत तक रेट फिसल गए। शनिवार को चेन्नई लेमन 2026 अरहर ₹7,950 और लेमन 2025 ₹7,800 प्रति क्विंटल पर बंद हुआ, जिसमें साप्ताहिक बढ़त लगभग ₹125 की रही। वहीं दिल्ली लेमन ₹8,300 तक पहुंचा, जहां करीब ₹300 की मजबूती दर्ज हुई। महाराष्ट्र लाइन बिल्टी दिल्ली में ₹8,400 और अकोला नई बिल्टी ₹8,325 रही। सोलापुर नई मारुति/पिंक/GRG क्वालिटी ₹7,300 से ₹8,500 के दायरे में रही। कर्नाटक के गुलबर्गा नई मंडी में भाव ₹7,202 से ₹8,859 के बीच रहे, हालांकि यहां साप्ताहिक गिरावट लगभग ₹157 दर्ज की गई। घरेलू अरहर दाल में अकोला फटका ₹11,900 और गुलबर्गा ₹12,000 पर रहा, जिसमें ₹200-300 की नरमी आई, जबकि कटनी लगभग ₹11,650 पर स्थिर बना रहा। अफ्रीकी ओरिजिन में तंजानिया अरूशा ₹6,900 (₹150 कमजोर), रेड लखोटा ₹6,000 (₹100 तेज), मोज़ाम्बिक गजरी ₹6,500 (₹100 नरम) और डोडोमा ₹6,400 (₹50 कमजोर) दर्ज हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सीएनएफ मुंबई पर बर्मा लेमन ओल्ड 2025 (फरवरी-मार्च शिपमेंट) $870 प्रति टन (डॉलर रेट ₹90.73) पर रहा, जो सप्ताह में $20 टूटा। लेमन न्यू 2026 $885-910 के दायरे में नरम रुख में रहा, जबकि सूडान ओरिजिन लगभग $720 पर ऑफर हो रहा है, जो लेमन से सस्ता है। बर्मा लोकल एफओबी लेमन 31,40,000 क्यात पर रहा, जिसमें 55,000 क्यात की गिरावट आई। आयात आंकड़ों के अनुसार जनवरी-दिसंबर 2025 में कुल अरहर आयात 13.26 लाख टन रहा, जो पिछले वर्ष के 12.57 लाख टन से करीब 5 प्रतिशत अधिक है। सरकार 23 फरवरी से गुजरात में MSP ₹8,000 प्रति क्विंटल पर लगभग 130 केंद्रों पर खरीद शुरू कर रही है। अब तक 1.33 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश ने अप्रैल-जून 2026 के लिए 1,687.5 टन अरहर दाल की आपूर्ति हेतु टेंडर जारी किया है। विदर्भ में आवक बढ़ रही है और कर्नाटक में कटाई लगभग पूरी हो चुकी है, हालांकि बड़े किसान ऊँचे दाम की उम्मीद में स्टॉक रोककर बैठे हैं। स्टॉकिस्टों के पास भी पुराना माल उपलब्ध है। देसी नागपुर-अकोला लाइन सस्ती होने से मिलर्स लेमन की बजाय उसी को प्राथमिकता दे रहे हैं। कुल मिलाकर बाजार में सप्लाई आरामदायक बनी हुई है। व्यापारिक सूत्रों के अनुसार निकट अवधि में अरहर के दाम स्थिर से लेकर हल्की नरमी की दिशा में रह सकते हैं।