दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने पकड़ी रफ्तार महाराष्ट्र से तेलंगाना तक बढ़ा दायरा केरल-कर्नाटक में अति भारी बारिश का अलर्ट!

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने आज महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के हिस्सों में प्रवेश कर लिया है। अरब सागर के पश्चिम-मध्य और पूरब-मध्य क्षेत्रों तक पहुँचते हुए इसकी उत्तरी सीमा हरनाई, सोलापुर, कलबुगी, नंदीयाल, चेन्नई, कैलाशहर, लम्डंग और नॉर्व लखीमपुर तक विस्तारित हो चुकी है। केरल और कर्नाटक में 8 और 9 जून को बहुत भारी वर्षा की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना में अगले सप्ताह तक लगातार बारिश और कहीं-कहीं आंधी-तूफान देखने को मिल सकते हैं। कोंकण और गोवा में 8 से 10 जून के दौरान भारी वर्षा और तेज हवाओं का खतरा रहेगा। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान में 8 से 14 जून तक कहीं-कहीं वर्षा की संभावना है। 11 और 12 जून को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तेज हवाएँ (40–60 किमी/घंटा), आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाएँ हो सकती हैं। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और वर्धा में 8 से 14 जून तक कहीं-कहीं वर्षा होगी। 11 और 12 जून को छत्तीसगढ़ में तेज आंधी-तूफान (50–70 किमी/घंटा) की संभावना जताई गई है। अंडमान-निकोबार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में लगातार वर्षा का दौर जारी रहेगा। पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाकों में 8–10 और 13–14 जून को आंधी-तूफान और तेज हवाएँ चल सकती हैं। मॉनसून की तेज बारिश और आंधी-तूफान के दौरान यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। नदियों और पहाड़ी क्षेत्रों में बाढ़ व भूस्खलन का खतरा बना रहेगा। ओलावृष्टि और बिजली गिरने की संभावना वाले इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थान पर रहने की चेतावनी दी गई है।

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