USDA रिपोर्ट से मक्का बाजार में हलचल, घरेलू भाव पर नजर

अंतरराष्ट्रीय मक्का बाजार में अमेरिकी स्टॉक और भारत में संभावित कम उत्पादन की रिपोर्ट चर्चा में है। USDA के अनुसार, अमेरिका में मक्का स्टॉक 2.095 बिलियन बुशेल है, जो पिछले साल से करीब 35% अधिक है। वहीं अमेरिकी निर्यात में करीब 21% की गिरावट बताई गई है। दूसरी ओर, भारत में खरीफ मक्का उत्पादन में लगभग 32% की कमी का अनुमान है। ऐसे में वैश्विक बढ़ी उपलब्धता और घरेलू उत्पादन में संभावित कमी, दोनों का असर भारतीय बाजार पर पड़ सकता है। घरेलू मंडियों में नमी और क्वालिटी के आधार पर भावों में बड़ा अंतर है। नई गीली फसल के भाव करीब 1,350 रुपये प्रति क्विंटल तक बताए जा रहे हैं, जबकि अच्छी क्वालिटी के सूखे मक्का के भाव कुछ बाजारों में 2500–2800 रुपये तक पहुंच रहे हैं। सांगली में करीब 2800 रुपये, तुमकुर में 2740 रुपये और सीनरी/तावड़ेवाले क्षेत्र में 2640–2675 रुपये के भाव बताए गए हैं। इसलिए केवल ऊपरी मंडी भाव देखने के बजाय नमी और क्वालिटी को भी ध्यान में रखना जरूरी है। मौजूदा स्थिति में किसानों और व्यापारियों दोनों के लिए क्वालिटी अहम है। अधिक नमी वाले मक्का में वजन कटौती, सुखाने और क्वालिटी सुधार की लागत बढ़ सकती है, जबकि साफ-सूखे और प्रीमियम मक्का की मांग बेहतर रह सकती है। इसलिए बिक्री या खरीद का फैसला करते समय मंडी भाव के साथ नमी, वास्तविक भुगतान भाव, सुखाने और भंडारण लागत को भी ध्यान में रखना जरूरी है। आने वाले दिनों में अमेरिकी स्टॉक, भारत की वास्तविक नई फसल आवक, नमी, घरेलू खपत और निर्यात मांग बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख संकेतक रहेंगे। अक्टूबर की WASDE रिपोर्ट और नई फसल की वास्तविक आवक से तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। ऐसे में किसानों और व्यापारियों दोनों के लिए रोजाना आवक, क्वालिटी और वास्तविक भाव पर नजर रखना जरूरी रहेगा।

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