गेहूँ रिपोर्ट

पिछले सप्ताह गेहूँ के बाजार में सामान्य मजबूती रही। दिल्ली में सोमवार को गेहूँ की कीमत ₹3050/75 प्रति क्विंटल पर खुली थी और शनिवार शाम को यह ₹3075/3100 प्रति क्विंटल के बीच बंद हुई, जो कि 25 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि को दर्शाता है। यह वृद्धि बाजार में गेहूँ की मांग बनाए रहने के कारण हुई। OMSS गेहूँ टेंडर रिपोर्ट: 3 महीने की OMSS योजना: सरकार ने 3 महीने की OMSS योजना के तहत खुले बाजार में गेहूँ की बिक्री की योजना बनाई थी। इन 3 महीनों के दौरान कुल 30 लाख टन गेहूँ की बिक्री की गई। टेंडर एलोकेशन में वृद्धि: दिसंबर में सरकार ने 1 लाख टन से शुरू करके, फरवरी के आखिरी सप्ताह और मार्च के पहले सप्ताह में इस एलोकेशन को बढ़ाकर 5 लाख टन कर दिया था। मिलर्स की बिडिंग मात्रा: सरकार ने HT (High Tension) कनेक्शन वाले मिलर्स के लिए बिडिंग मात्रा को 100 टन से बढ़ाकर 400 टन कर दिया था, जबकि LT (Low Tension) कनेक्शन वाले मिलर्स की बिडिंग मात्रा में संतोषजनक वृद्धि नहीं हुई। भाव में स्थिरता: टेंडर के शुरू होने के बाद से टेंडर समाप्ति तक गेहूँ के भाव में कोई विशेष बदलाव नहीं आया। हालांकि, उत्तरप्रदेश के बाजारों में टेंडर के दौरान भाव ₹150-200 प्रति क्विंटल तक बढ़े। क्षेत्रों का बाजार विश्लेषण: उत्तरप्रदेश के बाजारों में गेहूँ की कीमतों में स्थिरता बनी रही। यहाँ नए गेहूँ की आवक में 15-20 दिनों का समय और बचा है, जिसके कारण भाव में थोड़ी और वृद्धि देखने को मिल सकती है। पंजाब, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और बिहार: इन राज्यों में भी गेहूँ की कीमतों में वृद्धि का रुझान दिखा। नए माल की आवक के पहले इन राज्यों में भी भाव में वृद्धि की संभावना बनी रही। गुजरात और मध्यप्रदेश: गुजरात में टेंडर के दौरान गेहूँ के भाव में कोई कमजोरी नहीं आई। फरवरी के आखिरी सप्ताह से गुजरात और मध्यप्रदेश के मंडियों में गेहूँ की आवक शुरू हुई। मध्यप्रदेश में होली के बाद आवक में वृद्धि हो सकती है, और इसके साथ भाव में गिरावट देखने को मिल सकती है। आने वाले सप्ताह की संभावनाएँ: सरकारी खरीद: सरकार इस बार भी गेहूँ खरीद के सीजन के दौरान कुछ रणनीतियाँ अपना सकती है, जिससे व्यापारी और मिलर्स गेहूँ की खरीद के बारे में अधिक विचार करेंगे। गेहूँ की पाइपलाइन में कमी: देशभर में गेहूँ की पाइपलाइन खाली है, जिससे ट्रेडर्स, स्टॉकिस्ट और बड़ी कंपनियों की मांग तेज हो सकती है। इस कारण सरकारी खरीद पर प्रभाव पड़ सकता है और भाव में कुछ उतार-चढ़ाव हो सकता है। निष्कर्ष: पिछले सप्ताह गेहूँ के भाव में मामूली वृद्धि देखने को मिली है, और आने वाले समय में गेहूँ की आवक बढ़ने के साथ कीमतों में गिरावट की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल, बाजार में गेहूँ की कमी बनी हुई है और सरकारी हस्तक्षेप से खरीद बढ़ने की संभावना है। इसके बावजूद, भाव में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहेगी।

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