सरसो की तेजी मंदी रिपोर्ट

सरसों की आवक कम रहने और सरसों खल की बढ़ती डिमांड के कारण बाजार में तेजी देखी गई। इसके अलावा, सरसों के बाजार के लिए कुछ सकारात्मक खबरें भी चल रही हैं, जिनका आज हम विश्लेषण करेंगे। इस समय सरसों का सीजन अपने पीक पर है, और इस दौरान बहुत अधिक तेजी की उम्मीद करना जोखिम भरा हो सकता है। ताजा मार्केट अपडेट में, बुधवार को सरसों के बाजार ने विदेशी बाजारों से समर्थन लिया और तेजी के साथ शुरुआत की। मलेशिया में पाम तेल के भाव में लगभग 1% की बढ़ोतरी हुई। दिल्ली और चरखी दादरी में सरसों के भाव ₹50 तक बढ़ गए, जबकि सरसों तेल में भी ₹10 प्रति 10 किलो की वृद्धि देखी गई। दिल्ली में सरसों का भाव 6050 रुपये और चरखी दादरी में 6025 रुपये था। जैसे-जैसे दिन बढ़ा, मलेशिया के बाजार से तेजी में कमी आई, लेकिन भारतीय सरसों के बाजार पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। जयपुर में भी सरसों के भाव ₹50 तक बढ़कर 6075 रुपये पर पहुंच गए। इसी तरह, अन्य व्यापारिक केंद्रों में भी सरसों के भाव में मजबूती आई। सरसों खल के बाजार में बढ़ती हलचल भी सरसों के भाव में तेजी का कारण बनी। सरसों खल की निर्यात मांग और घरेलू खपत में स्थिरता ने भी बाजार को सहारा दिया। कांडला में सरसों खल की कीमत $259 प्रति मीट्रिक टन तक बढ़ गई, जो बढ़ती निर्यात मांग को दर्शाता है। कनाडा से चीन को सरसों खल के निर्यात पर 100% टैरिफ बढ़ने से भारतीय सरसों खल को निर्यात का अवसर मिल सकता है। भारत, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेपसीड मील निर्यातक है, इस मौके का फायदा सस्ते दामों पर निर्यात करके उठा सकता है। ब्रांडेड तेल मिलों ने भी सरसों के भाव में ₹50 से ₹100 तक की बढ़ोतरी की। आगरा के शारदा प्लांट पर सरसों का भाव 6200 से बढ़कर 6350 रुपये तक पहुंच गया। अन्य प्लांटों पर भी सरसों के भाव में तेजी देखी गई, जैसे बीपी आगरा में 6425 रुपये और गोयल कोटा में 5950 रुपये। विदेशी बाजारों से मिली-जुली खबरें आईं। अमेरिका में सोया तेल के स्टॉक में बढ़ोतरी हुई, जिससे भाव पर दबाव बना, वहीं मलेशिया और इंडोनेशिया के पाम तेल के वायदे में हल्की बढ़ोतरी हुई। किसानों और व्यापारियों के लिए सलाह है कि वे बाजार के रुझानों और इन सभी फैक्टरों को ध्यान में रखते हुए ही खरीद-फरोख्त का निर्णय लें। पिछले साल सीजन के पीक पर जयपुर में सरसों का न्यूनतम भाव ₹5350 था, और इस बार MSP के ₹300 बढ़ने के साथ न्यूनतम स्तर ₹5650 के आस-पास रह सकता है। अगर सरसों की आवक 16 लाख बोरी से कम रहती है, तो जयपुर में सरसों के भाव वर्तमान स्तरों को बरकरार रख सकते हैं, लेकिन जैसे ही आवक बढ़ेगी, सरसों के भाव 5800 रुपये तक गिर सकते हैं, जो मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल के पहले सप्ताह तक हो सकता है।

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