चावल बाजार में मंदी, लेकिन भविष्य में तेजी की संभावना
देश की मंडियों में बासमती चावल की सभी प्रजातियों की बिक्री फिलहाल कमजोर पड़ी हुई है। पिछले छह महीनों से घरेलू बाजार में अनुकूल स्थिति नहीं रही, लेकिन हाल ही में निर्यातकों की बढ़ती मांग के कारण बाजार में कुछ सुधार देखने को मिला है। एक ओर जहां माल का दबाव घट-बढ़ रहा है, वहीं कतर के देशों में चावल की बढ़ती मांग को देखते हुए निर्यातक माल पकड़ने लगे हैं। इसके अलावा, दुबई में होने वाले बिजनेस मेला में चावल निर्यातकों का व्यापार बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। इन परिस्थितियों में व्यापारियों को वर्तमान मंदी में व्यापार करने का अवसर है, और आगे चलकर बाजार में तेजी का रुझान बन सकता है। धान और चावल का उत्पादन इस बार अधिक हुआ है, जिसके कारण राइस मिलों में स्टॉक भारी मात्रा में जमा हो गया है। हालांकि, उत्पादन के हिसाब से निर्यात की कमी बनी हुई है, जिससे चावल की कीमतें काफी नीचे चल रही हैं। वर्तमान में, मिलों के लिए धान के भाव से मिलिंग करना महंगा साबित हो रहा है, और अधिकांश कारोबारी इस बार मजूरी का काम कर रहे हैं, जिससे स्टॉक में माल काफी कम हो चुका है। इन परिस्थितियों में, वर्तमान भावों पर बासमती चावल के बाजार में भविष्य में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही, मोटे चावल में भी मंदी की संभावना नहीं दिख रही है।