गेहूं बाज़ार रिपोर्ट

बीते सप्ताह के दौरान गेहूं की मांग बनी रहने से 25-50 रुपए प्रति क्विंटल की साप्ताहिक मजबूती दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश में गेहूं की आवक अभी शुरू नहीं हुई है, लेकिन सरकार ने जिला बंदी जैसे निर्णय लेने शुरू कर दिए हैं। पाइपलाइन में कमी के कारण दक्षिणी क्षेत्र के मिलर्स ने बाजार में जबरदस्त डिमांड पैदा कर दी है। स्टॉकिस्टों को 8 अप्रैल के बाद से बाजार पर ध्यान देना चाहिए। 1 अप्रैल के बाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों में नए गेहूं की आवक शुरू हो जाएगी। 22 मार्च तक के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1593 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है, जो केवल राजस्थान से हुई है। मध्य प्रदेश और गुजरात से सरकार को अब तक कोई खरीद नहीं हुई है। सरकार के पास पिछले साल की तुलना में अधिक माल उपलब्ध है। अक्सर होली के बाद गरम हवाएं चलने से गेहूं की फसल की गुणवत्ता प्रभावित हो जाती थी, लेकिन इस साल ऐसा नहीं हो रहा है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में अब तक जो फसल आई है, उसकी गुणवत्ता और यील्ड दोनों ही बेहतर बताई जा रही हैं। उत्तर प्रदेश और हरियाणा में हल्की बारिश होने के कारण मौसम फसल के लिए अनुकूल हो गया है। लगभग सभी राज्यों में बिजाई का क्षेत्रफल बढ़ा है। यदि अगले 10 दिनों तक गरम हवाएं नहीं चलतीं, तो गुणवत्ता और मात्रा दोनों ही बेहतर रहने की उम्मीद है। पिछले सप्ताह दिल्ली लाइन में 20,000 क्विंटल की कुल आवक रही, और दिल्ली लाइन में भाव स्थिर रहे। जब देशभर में आवक बढ़ेगी, तो दिल्ली लाइन में गेहूं का भाव 2600 रुपए प्रति क्विंटल तक गिर सकता है। फिलहाल दिल्ली में गेहूं के भाव 2840-2850 रुपए प्रति क्विंटल हैं।

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