सरसों रिपोर्ट

बीते सप्ताह सरसों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। पुराने माल की कमी और नई फसल की बढ़ती आवक के बीच कीमतें सीमित दायरे में रही। जयपुर सरसों एग्री वर्ल्ड द्वारा 6025 का सपोर्ट मिलने से बाजार में सुधार हुआ। खल में मजबूती दिखी, जबकि तेल के भाव स्थिर रहे। सरसों खल रिपोर्ट: चीन ने कनाडा से केनोला आयात पर ड्यूटी बढ़ाने के कारण मांग का रुख बदलने लगा है। अब चीन भारत की ओर रुख कर रहा है। पिछले सप्ताह की रिपोर्ट में KVI ने खल में निर्यात मांग की सूचना दी थी। खल में 2000 के आसपास अच्छा सपोर्ट है, और वहां से खरीदारी की सलाह दी जा रही है। सरसों तेल रिपोर्ट: अन्य तेलों से कम अंतर के कारण सरसों तेल की मांग मजबूत बनी रहेगी। सोया और पाम तेल की टाइट सप्लाई भी सरसों तेल के लिए सकारात्मक संकेत है। लंबी अवधि में सरसों तेल में ₹10-15 प्रति किलो की बढ़ोतरी की संभावना है। जयपुर कच्ची घानी के लिए 1250 रुपए का मजबूत सपोर्ट है, जहां से लंबी अवधि में खरीदारी की सलाह दी जा रही है। सरसों का उत्पादन और भाव: इस वर्ष सरसों का उत्पादन कमजोर रहने का अनुमान है, और एमएसपी से नीचे कीमतों के कारण सरकारी खरीदारी अच्छी रहने की उम्मीद है। 10 अप्रैल से राजस्थान में एमएसपी पर खरीदारी शुरू होगी, जिससे सरसों की कीमतों में गिरावट पर लगाम लगेगी। पुराने स्टॉक अधिकांशतः सरकार के पास होने के कारण, व्यापारियों को नई फसल पर निर्भर रहना पड़ेगा। इन सभी समीकरणों को देखते हुए, 10 अप्रैल तक स्टॉक लगाने की सलाह दी जा रही है। जयपुर का सपोर्ट 6025 पर बना हुआ है, और बॉटम रेंज 5850-6000 के बीच हो सकती है। 6000 के आसपास रिस्क केवल ₹150 का रहेगा, इसलिए 6000 के करीब खरीदारी की शुरुआत की सलाह दी जाती है।

Insert title here