हल्दी बाजार में सुस्ती, लेकिन आगामी महीनों में तेज़ी की संभावना बिजाई क्षेत्रफल में वृद्धि, निर्यात में भी दर्ज हुई बढ़ोतरी
हल्दी की प्रमुख उत्पादक मंडियों से मिल रही जानकारी के अनुसार चालू वर्ष 2025-26 के सीजन में हल्दी की बिजाई गत वर्ष की तुलना में अधिक क्षेत्रफल पर की गई है। प्रमुख राज्यों जैसे महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में किसानों ने हल्दी की फसल में रुचि दिखाई है, जिससे आगामी फसल बंपर रहने की उम्मीद जताई जा रही है। बिजाई क्षेत्रफल में उल्लेखनीय बढ़ोतरी महाराष्ट्र और निजामाबाद क्षेत्र में हल्दी की बिजाई में 30-35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में यह वृद्धि 20-25 प्रतिशत तक रही है। मौसम अभी तक फसल के अनुकूल बना हुआ है, जिससे उत्पादन में और सुधार की संभावना है। नई फसल जनवरी-फरवरी 2026 से बाजार में आने लगेगी। मंडी आवक में गिरावट इस समय अधिकतर मंडियों में हल्दी की आवक कमजोर बनी हुई है। केवल महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र (हिंगोली, बसमत, नांदेड) में आवक ठीक-ठाक है। सांगली मंडी में आवक की कमी के कारण सप्ताह में केवल तीन दिन ही नीलामी हो रही है। हिंगोली/बसमत मंडी: 4-5 हजार बोरी नांदेड: 2,000-2,500 बोरी निजामाबाद: 5-7 बोरी इरोड: 1,000-1,500 बोरी दुग्गीराला: 400-500 बोरी स्टॉक स्थिति मराठवाड़ा क्षेत्र में सबसे अधिक स्टॉक होने की सूचना है। व्यापारियों के अनुसार पूरे देश में लगभग 36-38 लाख बोरी हल्दी का स्टॉक मौजूद है। मराठवाड़ा: 12-13 लाख बोरी निजामाबाद: 4-5 लाख बोरी इरोड: 3-4 लाख बोरी सांगली: 3-4 लाख बोरी दुग्गीराला/वारंगल: 3-4 लाख बोरी खपत केन्द्रों: 7-8 लाख बोरी मूल्य पर दबाव, लेकिन आने वाले महीनों में उम्मीद इस समय लोकल और निर्यात व्यापार दोनों ही कमजोर होने के कारण हल्दी के दाम दबाव में हैं। दिल्ली बाजार में हल्दी (सिंगल पॉलिश गट्ठा) का भाव ₹130-132 प्रति किलो चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि अगस्त माह में हल्दी के भाव में 2-3 रुपए मन्दा-तेजी बनी रह सकती है, लेकिन सितम्बर-अक्टूबर में निर्यात मांग और लोकल व्यापार बढ़ने की संभावना है, जिससे कीमतों में मजबूती आ सकती है। हल्दी निर्यात में बढ़ोतरी 2025-26 सीजन के पहले दो महीनों (अप्रैल-मई) में हल्दी के निर्यात में मात्रा के हिसाब से 8% की वृद्धि और आय के रूप में 2% की वृद्धि दर्ज की गई है। अप्रैल-मई 2025: 34,162.28 टन निर्यात, ₹505.38 करोड़ की आय अप्रैल-मई 2024: 31,524.59 टन निर्यात, ₹496.67 करोड़ की आय 2024-25 (पूरे वर्ष): 1,76,325.34 टन निर्यात, ₹2,885.39 करोड़ आय 2023-24: 1,62,018.46 टन निर्यात, ₹1,875.86 करोड़ आय निष्कर्ष हल्दी की फसल इस बार बड़े क्षेत्र में होने के कारण उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि अभी व्यापार में सुस्ती बनी हुई है, लेकिन आगामी महीनों में मांग बढ़ने से बाजार में हल्दी की कीमतों में सुधार संभव है। किसानों और व्यापारियों के लिए यह संकेत है कि वे आने वाले समय के लिए तैयारी करें।