मक्का बाजार में उतार-चढ़ाव जारी, नयी फसल पर भी भाव 2100 रुपये से नीचे जाने की संभावना नहीं
पिछले एक महीने के दौरान मक्का बाजार में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रहा। जहां दक्षिण भारत में मक्का की कीमतों में 60 से 100 रुपये प्रति क्विंटल तक गिरावट दर्ज की गई, वहीं उत्तर और मध्य भारत में भाव या तो स्थिर रहे या हल्की तेजी के साथ मजबूत दिखाई दिए। पिछले सप्ताह की स्थिति पिछले सप्ताह मक्का के बाजार में 50 से 60 रुपये की तेजी देखी गई। उत्तर प्रदेश के कासगंज में रैक लोडिंग भाव ₹2,120 प्रति क्विंटल पर टिके रहे। बिहार के गुलाबबाग मंडी में भाव में ₹20-30 की गिरावट के बावजूद डिमांड बनी रही और भाव ₹2,350 प्रति क्विंटल तक बने रहे। बंगाल में इथेनॉल सेक्टर के खरीदारों ने भाव बढ़ाकर ₹2,400 तक कर दिए हैं। दिल्ली में, यूपी लाइन का भाव ₹2,275 और बिहार लाइन का भाव ₹2,500 प्रति क्विंटल तक रहा। मध्य और दक्षिण भारत की स्थिति मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में मक्का का भाव ₹2,340 प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा। संभल मंडी में 40,000 बोरी की आवक के बावजूद भाव ₹2,175 प्रति क्विंटल पर जमे रहे। तिरुपति के स्टार्च प्लांटों में एक महीने में ₹100 की तेजी आई और दाम ₹2,400 तक पहुंच गए। इसका मुख्य कारण दक्षिण भारत और इथेनॉल सेक्टर की मजबूत मांग रही। बाजार पर दबाव के संकेत हालांकि फिलहाल बाजार स्थिर से कमजोर रुख में नजर आ रहा है। OMSS योजना (Open Market Sale Scheme) के तहत डिस्टिलरियों को सरकारी चावल की आपूर्ति शुरू होने से मक्का की डिमांड पर दबाव आने की आशंका है। इसके अलावा: व्यापारियों के पास अभी भी पुराना स्टॉक उपलब्ध है दक्षिण भारत में मांग कमजोर पड़ती दिख रही है जिससे वहां के स्टॉकिस्टों को अधिक रिटर्न मिलने की संभावना कम नजर आ रही है उत्पादन और भविष्य की संभावनाएं: मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में इस साल मक्का का उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में 15-20% अधिक होने का अनुमान है सप्लाई बढ़ने से भविष्य में मक्का में बड़ी तेजी की संभावना नहीं दिख रही है हालांकि, इथेनॉल कंपनियों और डिस्टिलरियों की स्थायी मांग के कारण बाजार में स्थायित्व बना रह सकता है। जानकारों का मानना है कि नई फसल आने के बाद भी मक्का के भाव ₹2,100 से नीचे नहीं जाएंगे। निष्कर्ष: उत्तर भारत और पूर्वी राज्यों में मक्का की मांग बनी हुई है दक्षिण भारत में मांग कमजोर होने से वहां बाजार पर दबाव उत्पादन बढ़ने की संभावना से तेजी सीमित रह सकती है लेकिन इथेनॉल सेक्टर की मांग के चलते भावों में बड़ी गिरावट की संभावना नहीं.