केंद्रीय पूल में खरीद बढ़ने से गेहूं बाजार में नरमी, मांग कमजोर

इस वर्ष गेहूं का उत्पादन अधिक रहने और सरकारी खरीद (केंद्रीय पूल) रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के चलते, अब रोलर फ्लोर मिलें खुले बाजार से गेहूं खरीदने लगी हैं। हालांकि, गत सप्ताह आपूर्ति घटने के बावजूद मौजूदा स्टॉक से लगातार माल निकलने के कारण गेहूं के दामों में ₹10 प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली से बाहर मिलों की सप्लाई से बाजार पर दबाव वर्तमान में दिल्ली से बाहर स्थित मिलों को उत्पादक मंडियों से गेहूं सस्ता मिल रहा है, जिससे उनके तैयार उत्पाद जैसे आटा, मैदा और सूजी सस्ते दामों पर बिक रहे हैं। इसकी सीधी वजह इन उत्पादों की कमजोर मांग है, जिससे गेहूं बाजार में भी सुस्ती आ गई है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बारिश का असर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की मंडियों में बारिश के कारण आवक प्रभावित हुई है। साथ ही, कुछ रोलर मिलों में तैयार माल की बिक्री धीमी है, जिसके चलते वे मात्र आवश्यकता अनुसार ही खरीदारी कर रही हैं। इन सभी कारणों से बाजार में खरीददारी का दबाव नहीं बन पा रहा है। वर्तमान कीमतें दिल्ली में गेहूं का भाव ₹2,850–₹2,860 प्रति क्विंटल पर आ गया है। बाजार फिलहाल कमजोर मांग और अधिक स्टॉक के कारण दबाव में बना हुआ है। निष्कर्ष: गेहूं का उत्पादन और सरकारी खरीद बढ़ने से बाजार में आपूर्ति पर्याप्त खुले बाजार से फ्लोर मिलों की सीमित खरीद आटा-मैदा-सूजी की मांग कमजोर होने से तैयार उत्पाद सस्ते बारिश से आवक घटी, फिर भी खरीद सीमित परिणामस्वरूप, गेहूं के भावों में नरमी बनी हुई है.

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