भारत में प्री-मानसून गतिविधियों का प्रभाव: तापमान में स्थिरता के संकेत
मार्च के पहले पखवाड़े में देश के कई हिस्सों में समय से पहले तेज गर्मी का असर देखने को मिला। Gujarat, Maharashtra के कुछ भागों और Odisha में हीट वेव की स्थिति बनी रही। Mumbai में भी असामान्य रूप से दो बार हीट वेव दर्ज की गई, जहां तापमान सामान्य से पहले ही 40°C के पार पहुंच गया। हालांकि अब देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सुधर रहा है और तापमान में स्थिरता आने लगी है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में हाल ही में बेमौसम बर्फबारी देखने को मिली है। Himachal Pradesh के मध्य क्षेत्रों में बर्फ की मोटी परत जम गई, जिससे कई पर्यटक असुविधा में फंस गए। आने वाले एक सप्ताह तक इन पहाड़ी क्षेत्रों में इसी तरह की मौसम गतिविधियां जारी रहने की संभावना बनी हुई है। प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने से देश के कई हिस्सों में बढ़ती गर्मी पर काफी हद तक नियंत्रण हुआ है। अगले कुछ दिनों में किसी भी राज्य में तापमान में तेज वृद्धि की संभावना नहीं है। इसके बजाय, अगले 3 से 4 दिनों तक दिन के तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिलेगी, जिसके बाद तापमान स्थिर बना रहेगा। मार्च के शेष दिनों में किसी बड़े मौसम व्यवधान की आशंका नहीं है। पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम सक्रिय रहेगा। Lower Assam, Meghalaya, Sikkim और Sub-Himalayan West Bengal में अगले 5 से 7 दिनों के दौरान तेज बारिश और मौसम गतिविधियों का खतरा बना रहेगा। उत्तर भारत के मैदानी राज्यों जैसे Punjab, Haryana, Rajasthan और Uttar Pradesh में 18 से 20 मार्च के बीच व्यापक बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है। वहीं Maharashtra और Madhya Pradesh के कुछ हिस्सों, विशेषकर विदर्भ क्षेत्र में, गरज-चमक के साथ बारिश से गर्मी से राहत मिलेगी। पूर्वी भारत के Bihar, Jharkhand और West Bengal में 21 से 22 मार्च के बीच आंधी-तूफान की शुरुआत हो सकती है। दक्षिण भारत के आंतरिक हिस्सों में 18 से 21 मार्च के बीच प्री-मानसून सर्कुलेशन और हवाओं के बदलाव के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। वहीं Gujarat में मौसम गतिविधियां कम रहेंगी, लेकिन अगले एक सप्ताह तक यहां भी भीषण गर्मी से राहत बनी रहेगी।