मार्च को दालों का बाजार: मूंग और मसूर में हल्की तेजी, अरहर और उड़द कमजोर रहे

मार्च को दालों के बाजार में मिश्रित रुझान देखने को मिला। अरहर और उड़द के भाव कमजोर रहे, जबकि मूंग और मसूर में स्थिरता के साथ हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली। मूंग की कीमतें ज्यादातर मंडियों में स्थिर रही, हालांकि आक्रामक मांग की कमी बनी रही। इंदौर में बोल्ड मूंग ₹8,400, जयपुर में चमको मूंग ₹7,400, जलगांव में कर्नाटक लाइन की मूंग ₹7,900 से ₹8,800, दिल्ली में राजस्थान लाइन ₹6,000 से ₹7,600 और अकोला में ₹8,000 प्रति क्विंटल पर स्थिर रही। उत्पादक राज्यों में मूंग की आवक जारी है और सरकार केंद्रीय पूल से बिक्री कर रही है, जिससे बड़ी तेजी की संभावना फिलहाल दबी हुई है। हालांकि, राजस्थान की कुछ प्रमुख मंडियों में अच्छे क्वालिटी के स्टॉक में हल्की तेजी देखी जा सकती है, और अगले एक हफ्ते में ₹200 प्रति क्विंटल तक का उछाल हो सकता है। इस समय मूंग का बाजार "range-bound" है, जहां सीमित उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। मसूर के बाजार में हल्की मजबूती देखी जा रही है। दिल्ली में देसी मसूर ₹25 की बढ़त के साथ ₹6,650, और कटनी में ₹6,400 पर स्थिर रही। आयातित मसूर की कीमतें कनाडा की मसूर कंटेनर में ₹6,000, कांडला ₹5,650, हजीरा ₹5,700 और ऑस्ट्रेलिया की मसूर ₹5,850 प्रति क्विंटल पर स्थिर रही। मसूर में तेजी का प्रमुख कारण स्टॉकिस्टों का धीरे-धीरे पोजीशन बनाना है, क्योंकि सरकार द्वारा आयात शुल्क बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है, जिससे आगे सप्लाई महंगी हो सकती है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में उत्पादन ज्यादा होने और घरेलू मंडियों में नई फसल की आवक बढ़ने की संभावना भी बनी हुई है, जिससे एकतरफा तेजी सीमित रहेगी। डॉलर की कीमत ₹92 तक पहुंचने से आयात महंगा हुआ है, जिससे नीचे गिरावट का दबाव कमजोर हुआ है, और ₹6,300-₹6,400 के स्तर को मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। बिहार, बंगाल और असम में मसूर दाल की मांग बनी हुई है, जो बाजार को सहारा दे रही है। कुल मिलाकर, मूंग में सीमित दायरे में हलचल और मसूर में हल्की मजबूती का माहौल है। दोनों ही कमोडिटी में बड़े उतार-चढ़ाव की बजाय बाजार धीरे-धीरे आगे बढ़ता हुआ नजर आ रहा है।

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