उत्तर भारत में मौसम का कहर, तेज बारिश के साथ आँधी और ओलावृष्टि का खतरा
उत्तर भारत में मौसम फिर करवट लेने वाला है। कुछ दिनों के अंतराल के बाद एक बार फिर प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने की संभावना है। 15 से 17 मार्च के दौरान पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर राजस्थान में इस सीजन की पहली अच्छी बारिश दर्ज की गई थी, और अब इसी तरह का मौसम दोबारा सक्रिय होने जा रहा है। पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण पश्चिम राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में बादल छा चुके हैं। ये सिस्टम धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तर मध्य प्रदेश तक असर दिखाएंगे। 18 से 20 मार्च के बीच इन इलाकों में व्यापक रूप से बारिश, गरज-चमक और आंधी की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम में इस बदलाव के साथ तेज हवाएं, बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका है। ऊपरी वायुमंडल में तापमान गिरने से ओले गिरने की स्थितियां बन रही हैं, जो खासतौर पर फसलों के लिए नुकसानदेह हो सकती हैं। इस बारिश का एक सकारात्मक असर यह होगा कि हाल ही में बढ़ती गर्मी पर ब्रेक लगेगा। आने वाले दिनों में दिन हल्के गर्म और रातें अपेक्षाकृत ठंडी बनी रहेंगी, जिससे मौसम सामान्य परिवर्तनशील (ट्रांजिशन) जैसा महसूस होगा। अगले तीन दिनों तक लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है, खासकर तेज हवाओं, आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए।