उत्तरी पहाड़ों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ: हफ्तेभर बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि के आसार

उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जहां लगातार पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से आने वाले सप्ताह भर बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। मार्च के अंतिम दिनों और अप्रैल की शुरुआत में कश्मीर के गुलमर्ग, पहलगाम और पीर पंजाल रेंज सहित कई ऊंचाई वाले इलाकों में असामान्य बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे ठंड बढ़ी और कई मार्ग अस्थायी रूप से बंद हो गए। इसी तरह हिमाचल प्रदेश के कीलोंग, सोलंग वैली और अटल टनल के आसपास भी देर से बर्फबारी देखने को मिली, जबकि जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में ताजा बर्फबारी ने मौसम को अचानक बदल दिया। मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल के पहले पखवाड़े में दो प्रमुख पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेंगे�पहला 3 से 5 अप्रैल के बीच और दूसरा 7 से 9 अप्रैल के बीच, जिनके दौरान 3-4 अप्रैल और 7-8 अप्रैल को मौसम गतिविधियां अपने चरम पर रहने की संभावना है। इस दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी, मध्य पहाड़ी इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है, वहीं कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका है। खराब मौसम के चलते सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में, इसलिए स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इस मौसम बदलाव का असर मैदानी इलाकों में भी देखने को मिलेगा, जहां तापमान में गिरावट के कारण अप्रैल की शुरुआत में गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अप्रैल के मध्य तक पश्चिमी विक्षोभों का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का दौर बना रहेगा।

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