अप्रैल की शुरुआत में देशभर में तेज़ बारिश, दूसरे पखवाड़े में बढ़ेगी गर्मी
अप्रैल की शुरुआत में देशभर में प्री-मानसून गतिविधियाँ तेज़ हो गईं, जिससे कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मार्च के अंतिम दिनों से ही मौसम ने करवट ली और 26 मार्च से 1 अप्रैल के बीच चारों प्रमुख क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई। इस दौरान पूरे देश में 25% अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि 2 से 8 अप्रैल के बीच यह बढ़कर 76% अधिक हो गई। कुल मिलाकर 1 मार्च से 8 अप्रैल तक देश में 27% अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है। क्षेत्रवार स्थिति की बात करें तो पूर्वोत्तर, पूर्वी भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश राज्यों में सामान्य से अधिक या काफी अधिक बारिश हुई है। हालांकि अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में वर्षा सामान्य स्तर पर बनी रही। मध्य भारत में भी इस अवधि में 57% अधिक वर्षा दर्ज की गई। इसके विपरीत महाराष्ट्र के कोंकण और विदर्भ क्षेत्रों में क्रमशः 80% और 45% की कमी देखने को मिली, जबकि मुंबई और गोवा में अब तक प्री-मानसून बारिश नहीं हुई है, जो इस समय के लिए सामान्य स्थिति मानी जाती है। आगे के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अप्रैल के दूसरे हिस्से में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। उत्तरी पहाड़ी क्षेत्रों और पूर्वोत्तर भारत में हल्की प्री-मानसून बारिश जारी रह सकती है, लेकिन मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है। तापमान में वृद्धि के साथ गर्मी का असर तेज होगा और विशेष रूप से उत्तर-पश्चिम भारत में तेज़ आँधी और धूल भरी आँधियाँ चलने की संभावना बनी हुई है।