मौसम की मार और कम स्टॉक से धनिया कीमतों में तेजी
धनिया की कीमतों में हाल के दिनों में तेज़ उछाल देखा गया है, जिसका मुख्य कारण नई फसल की कम आवक, प्रतिकूल मौसम के चलते उत्पादन में कमी की आशंका और मसाला कंपनियों व निर्यातकों की मजबूत मांग है। राजस्थान और गुजरात की प्रमुख मंडियों में स्टॉक की कमी और अच्छी क्वालिटी के सीमित माल के कारण भाव ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। व्यापारियों का अनुमान है कि कीमतों में आगे 5�10 रुपये प्रति किलो तक और बढ़ोतरी हो सकती है। पिछले एक सप्ताह में थोक बाजार में धनिया के भाव 500 से 1000 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़े हैं, जिससे बादामी क्वालिटी का भाव 13,800 से 14,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। रामगंज, बारां और गुना जैसी प्रमुख मंडियों में भी कीमतें मजबूत बनी हुई हैं। बाजार में सप्लाई कम होने और खरीदारों की सक्रियता के कारण तेजी का माहौल बना हुआ है। इस साल राजस्थान और मध्य प्रदेश में खराब मौसम, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल को नुकसान हुआ है, जिससे उत्पादन प्रभावित हुआ है। साथ ही, किसानों द्वारा कम बुवाई किए जाने से भी कुल उत्पादन घटा है�प्रमुख राज्यों में क्षेत्रफल लगभग 20% तक कम हुआ है। इसके अलावा, स्टॉकिस्टों द्वारा माल रोककर रखने से बाजार में आपूर्ति और सीमित हो गई है। पिछले वर्ष की तुलना में कैरी-फॉरवर्ड स्टॉक भी काफी कम है, जो 32�35 लाख बोरी से घटकर इस साल करीब 20�22 लाख बोरी रह गया है। भारत में जहां सालाना खपत लगभग 1.40�1.50 करोड़ बोरी है, वहीं कुल उपलब्धता 1.10�1.15 करोड़ बोरी रहने का अनुमान है। इस असंतुलन और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई की अनिश्चितता के चलते कीमतों में मजबूती बनी हुई है, जिसे वायदा बाजार की तेजी भी समर्थन दे रही है।