मध्य भारत में बढ़ती गर्मी: हीटवेव का खतरा, 22 अप्रैल के बाद मिल सकती है राहत
मध्य भारत और उससे जुड़े कई क्षेत्रों में इन दिनों तेज गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश का बांदा लगातार दूसरे दिन देश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां 44�C से अधिक तापमान दर्ज किया गया। यह सामान्य से काफी ऊपर है और हीटवेव जैसी स्थिति के करीब पहुंच चुका है। विदर्भ, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भी तापमान 42�44�C के बीच बना हुआ है। महाराष्ट्र के अकोला, अमरावती और वर्धा जैसे शहरों में पारा 44�C के पार पहुंच गया, जबकि मध्य प्रदेश के रायसेन, होशंगाबाद और छिंदवाड़ा में भी तेज गर्मी दर्ज की गई। छत्तीसगढ़ के माना और बिलासपुर तथा तेलंगाना के आदिलाबाद और निजामाबाद में भी तापमान 43�C के आसपास रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में गर्मी का प्रभाव बढ़ गया है। इस बढ़ती गर्मी के पीछे एक एंटी-साइक्लोन प्रणाली जिम्मेदार है, जो महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर कर्नाटक के ऊपर सक्रिय है। यह सिस्टम नीचे की ओर गर्म हवा को दबाता है, जिससे सतह का तापमान और बढ़ जाता है। इसी कारण आने वाले 2�3 दिनों में तापमान में 2�3�C की और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे कुछ क्षेत्रों में हीटवेव की स्थिति बन सकती है। हालांकि, थोड़ी राहत की उम्मीद भी जताई गई है। 20 अप्रैल के बाद प्री-मानसून गतिविधियां जैसे गरज-चमक और हल्की बारिश शुरू हो सकती है। इसके चलते 22 से 26 अप्रैल के बीच तापमान में कुछ गिरावट आने और गर्मी से आंशिक राहत मिलने की संभावना है।