देश में भीषण लू के बीच प्री-मानसून बारिश और आँधी से राहत का संकेत

देशभर में इस समय भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है, जहां कई हिस्सों में तापमान 45 से 47°C तक पहुंच गया है। अप्रैल की शुरुआत में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में प्री-मानसून बारिश और आँधी-तूफान की अच्छी गतिविधियाँ देखने को मिली थीं, लेकिन इसके बाद मौसम शुष्क हो गया। इसी सूखे और साफ मौसम के कारण तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हुई और कई शहरों में पारा खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। पिछले 24 घंटों में विदर्भ, राजस्थान और मध्य भारत के कई शहरों में तापमान चरम पर रहा। अकोला, अमरावती और बांदा जैसे इलाकों में तापमान 46°C से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि बाड़मेर, जैसलमेर, नागपुर और प्रयागराज सहित कई शहरों में पारा 45°C के पार रहा। यह स्थिति लगातार बनी रहने से लोगों को तीव्र गर्मी और लू का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अब मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। 27 अप्रैल की शाम से राजस्थान, हरियाणा, दक्षिण उत्तर प्रदेश और उत्तर मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियाँ शुरू होने की संभावना है। इस दौरान धूल भरी आँधी, तेज हवाएँ और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। हालांकि इन गतिविधियों के शुरू होने से पहले तापमान में हल्की और बढ़ोतरी भी संभव है। 28 अप्रैल से उत्तर भारत, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश और आँधी-तूफान की गतिविधियाँ तेज हो सकती हैं। इन मौसम बदलावों से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। इसके बाद 29 अप्रैल से प्री-मानसून गतिविधियाँ दक्षिण भारत तक फैल सकती हैं, जिससे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में भी बारिश और गरज-चमक देखने को मिलेगी। हालांकि पश्चिमी राजस्थान, गुजरात, कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क और गर्म बना रह सकता है। मई महीने में आमतौर पर गर्मी अपने चरम पर होती है, लेकिन बीच-बीच में आने वाले प्री-मानसून तूफान अस्थायी राहत देते रहेंगे और तापमान को अत्यधिक बढ़ने से कुछ हद तक नियंत्रित करेंगे।

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