बारिश से प्रभावित सप्लाई के बीच मक्का बाजार में तेज उछाल
मौसम में अचानक आए बदलाव का असर मक्का बाजार पर भी साफ नजर आया है, जहां कीमतों ने तेजी से रुख बदल लिया और खरीदारों ने मौके का फायदा उठाते हुए सक्रिय खरीदारी की। बिहार के मक्का बाजार में बीते दिन ₹40 से ₹50 प्रति क्विंटल तक की बढ़त दर्ज की गई। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले दो हफ्तों में यहां लगभग ₹250 प्रति क्विंटल की कुल तेजी बन चुकी है, जबकि बाजार विश्लेषकों ने पहले ही खरीदारी की सलाह दी थी। दक्षिण भारत के प्रमुख बाजार भी इस तेजी से अछूते नहीं रहे। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में मजबूत स्टॉकिंग गतिविधियों और निरंतर निर्यात मांग के चलते भावों में करीब ₹30 तक सुधार देखा गया। वारंगल बिल्टी ₹30 बढ़कर ₹1,980 प्रति क्विंटल पर पहुंच गई, वहीं हैदराबाद डिलीवरी ₹2,100 तक पहुंच गई। विजयनगरम में स्पॉट रेट ₹20 की तेजी के साथ ₹1,860 हो गए। अगर प्रमुख मंडियों की बात करें तो गुलाब बाग में मक्का के भाव ₹80 उछलकर ₹2,000 से ₹2,100 प्रति क्विंटल के बीच पहुंच गए। अन्य बाजारों में तिरुपति स्टार्च प्लांट में कीमत ₹2,050, छिंदवाड़ा में ₹1,900, देवास में ₹2,000 और सांगली में ₹2,075 प्रति क्विंटल दर्ज की गई। आंध्र प्रदेश से बड़े पैमाने पर मक्का विशाखापट्टनम पोर्ट भेजा जा रहा है, जहां पिछले एक महीने में लगभग 2 लाख टन की आवक हो चुकी है। वहां मौजूदा दर ₹2,050 प्रति क्विंटल के आसपास बनी हुई है और इन ऊंचे स्तरों पर भी निर्यात मांग मजबूत बनी हुई है। पूर्वी भारत खासकर बिहार, पश्चिम बंगाल और असम में भारी बारिश के कारण नई आवक में देरी हो रही है। इसका असर कोलकाता डिलीवरी बाजार पर पड़ा, जहां कीमतों में ₹100 से ₹125 प्रति क्विंटल तक की तेजी आई है। सीमित आपूर्ति और मौसम की अनिश्चितता के कारण बाजार का रुख मजबूत बना हुआ है। मांग पक्ष की बात करें तो कई पोल्ट्री खरीदार 50 से 100 टन तक की जरूरत लेकर बाजार में सक्रिय दिखे और ₹100 तक ऊंचे भाव देने को भी तैयार थे, लेकिन कम उपलब्धता के कारण उन्हें पूरी मात्रा हासिल नहीं हो सकी। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अनुमान है कि अगले करीब 10 दिनों तक आवक प्रभावित रह सकती है, जिससे कीमतों को समर्थन मिलता रहेगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी माहौल सकारात्मक बना हुआ है। शिकागो मक्का वायदा करीब एक महीने के उच्च स्तर $4.69-1/2 प्रति बुशल तक पहुंच गया है, जिसे मजबूत निर्यात मांग और अमेरिकी मिडवेस्ट में अत्यधिक बारिश की चिंताओं का समर्थन मिल रहा है। इसके अलावा कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भी मक्का के बाजार को सहारा दे रही हैं, क्योंकि बायोफ्यूल सेक्टर में इसकी मांग इससे जुड़ी हुई है। निकट भविष्य में कीमतों में बड़ी गिरावट के संकेत फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं। हालांकि, यदि अगले सप्ताह से मौसम सामान्य होता है और मंडियों में आवक बढ़ती है, तो भावों में हल्की नरमी संभव है।