सरसों ने मजबूत सपोर्ट स्तर बचाए, आगे नई तेजी की उम्मीद

सोमवार को सरसों बाजार पूरे दिन सीमित दायरे में कारोबार करता रहा, लेकिन निचले स्तरों पर लगातार खरीदारी आने से बाजार ने मजबूती बनाए रखी। जयपुर में सरसों का भाव ₹7400 प्रति क्विंटल पर स्थिर बंद हुआ और बाजार लगातार ₹7300–7400 की मजबूत रेंज में टिकता दिखाई दिया। भरतपुर मंडी में ₹75 की तेज रिकवरी देखने को मिली, जिससे भाव दोबारा ₹7025 तक पहुंच गए। वहीं दिल्ली में सरसों ₹50 कमजोर होकर ₹7100 रही, चरखी दादरी ₹7050 पर स्थिर बंद हुई, जबकि सुमेरपुर में ₹40 की मजबूती के साथ भाव ₹7280 प्रति क्विंटल दर्ज किए गए। बाजार की खास बात यह रही कि भारी आवक के बावजूद कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिली। वर्तमान में सरसों की दैनिक आवक करीब 9.5 लाख बोरी के आसपास बनी हुई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से अधिक मानी जा रही है। इसके बावजूद सरसों खल की मजबूत मांग के कारण प्लांटों को जरूरत के अनुसार पर्याप्त माल नहीं मिल पा रहा है। यही कारण है कि हर गिरावट पर खरीदारी सक्रिय हो रही है और बाजार को मजबूत समर्थन मिल रहा है। प्लांट रेट्स पर नजर डालें तो SALONI प्लांट का टॉप भाव ₹50 की तेजी के साथ ₹8200 तक पहुंच गया। बड़े प्लांट अभी भी आक्रामक खरीदारी में बने हुए हैं। अदानी प्लांट ₹7300 पर स्थिर रहा, जबकि गोयल कोटा ₹7400, आगरा BP ₹7800 और शारदा ₹7800 पर टिके रहे। किर्ती सोयाबीन प्लांट में ₹220 की तेज बढ़त के साथ ₹7251 का भाव बाजार में चर्चा का विषय रहा। खाद्य तेल बाजार में भी मजबूती का माहौल बना रहा। जयपुर कच्ची घानी ₹1481, भरतपुर ₹1480, अलवर ₹1480 और मुरैना ₹1480 प्रति 10 किलो पर स्थिर रहे। वहीं एक्सपेलर जयपुर ₹1461 और दिल्ली ₹1455 पर बिना बदलाव के कारोबार करता रहा। सरसों खल की मजबूत मांग ने पूरे बाजार को मजबूती प्रदान की। भरतपुर खल ₹80 बढ़कर ₹3100 पर पहुंच गई, अलवर में ₹50 की तेजी के साथ भाव ₹3000 रहे, जबकि चरखी दादरी में ₹40 सुधार के साथ खल ₹2920 पर दर्ज की गई। विदेशी बाजारों में भी हलचल देखने को मिली। KLC पाम ऑयल 4498 से सुधरकर 4516 तक पहुंच गया, जबकि CBOT सोया ऑयल 0.77 प्रतिशत गिरकर 74.68 सेंट पर आ गया। हालांकि इसका घरेलू सरसों बाजार पर ज्यादा असर नहीं पड़ा, क्योंकि सरसों तेल फिलहाल अन्य खाद्य तेलों की तुलना में सस्ता बना हुआ है और घरेलू मांग लगातार मजबूत हो रही है। व्यापारिक हलकों का मानना है कि इतनी भारी आवक के बावजूद बाजार में मजबूती बने रहना सरसों की आंतरिक ताकत को दर्शाता है। मंडी मार्केट मीडिया के अनुसार, 15 मई के बाद जैसे-जैसे आवक घटने लगेगी, बाजार में तेजी और तेज हो सकती है तथा सरसों ₹7500 के रेजिस्टेंस स्तर को पार कर आगे बढ़ सकती है। आगे की स्थिति को देखते हुए बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार के पास सरसों का बड़ा स्टॉक उपलब्ध नहीं है, क्योंकि मौजूदा भाव लंबे समय से MSP से ऊपर बने हुए हैं और सरकारी खरीद सीमित रही है। ऐसे में यदि बाजार में तेजी बढ़ती है तो सरकार के पास खुले बाजार में सरसों बेचकर कीमतों को नियंत्रित करने के विकल्प कम रह जाएंगे। इसी आधार पर लंबी अवधि में सरसों के भाव ₹8000 प्रति क्विंटल तथा सरसों तेल ₹1700 प्रति 10 किलो तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

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