सरसों बाजार में जोरदार तेजी, जयपुर भाव ₹7900 पहुंचा; मजबूत फंडामेंटल से बाजार में नई मजबूती

19 मई को सरसों बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली, जिससे यह साफ हो गया कि मजबूत फंडामेंटल के सामने ऊपरी स्तरों पर होने वाली मुनाफावसूली ज्यादा समय तक असर नहीं डाल पाती। पहले ही संकेत दिए गए थे कि 15 मई के बाद आवक घटने से बाजार में तेजी और तेज हो सकती है, और अब वही स्थिति मंडियों में स्पष्ट रूप से नजर आ रही है। मंडी मार्केट द्वारा तय किया गया लक्ष्य भी पूरा हो चुका है। जयपुर में सरसों का भाव ₹200 की तेजी के साथ ₹7900 पर पहुंच गया। भरतपुर में ₹100 बढ़कर ₹7500, दिल्ली में ₹200 उछलकर ₹7700, चरखी दादरी में ₹100 की मजबूती के साथ ₹7600 और सुमेरपुर में ₹140 की तेजी के साथ ₹7800 तक कारोबार हुआ। ट्रेंड चार्ट के अनुसार जयपुर का भाव ₹7400 से सीधे ₹7900 तक पहुंचा, जबकि भरतपुर ₹6970 से बढ़कर ₹7500 तक निकल गया। प्लांटों की बात करें तो SALONI PLANT का उच्चतम भाव ₹8625 (+125) दर्ज किया गया। शमसाबाद और दिग्नेर में भी यही टॉप रेट रहा। अदानी प्लांट का भाव ₹100 बढ़कर ₹7850 पहुंचा। अन्य प्रमुख प्लांटों में गोयल कोटा ₹7800 (+100), आगरा BP ₹8250 (+100) और आगरा शारदा ₹8200 पर स्थिर रहे। सरसों तेल बाजार में भी मजबूत तेजी देखने को मिली। जयपुर कच्ची घानी तेल ₹25 बढ़कर ₹1531, भरतपुर ₹30 की तेजी के साथ ₹1550, अलवर ₹20 बढ़कर ₹1550 और मुरैना ₹30 मजबूत होकर ₹1550 तक पहुंच गया। बाजार में खल की तेजी के बाद अब तेल को भी सरसों बाजार की प्रमुख ताकत माना जा रहा है। सरसों खल में भी मजबूती बनी रही। जयपुर में भाव ₹50 बढ़कर ₹3175, अलवर ₹40 की तेजी के साथ ₹3240, भरतपुर ₹50 मजबूत होकर ₹3300 और सुमेरपुर ₹70 चढ़कर ₹3220 तक पहुंच गया। गोयल कोटा खल ₹100 बढ़कर ₹3200 पर कारोबार करता दिखा। पिछले वर्ष इसी दिन जयपुर में सरसों का भाव ₹6500, सरसों खल ₹2250 और सरसों तेल ₹1370 था, जबकि सरसों की आवक लगभग 4.5 लाख बोरी दर्ज की गई थी। विदेशी बाजारों में भी मजबूती का माहौल बना रहा। मलेशिया पाम ऑयल KLC जुलाई अनुबंध 4521 से बढ़कर 4571 तक पहुंच गया, जबकि CBOT सोया तेल जुलाई वायदा 75.44 सेंट पर मामूली 0.25% की गिरावट के साथ बंद हुआ। खाद्य तेलों पर आयात शुल्क बढ़ने की खबरों ने भी बाजार में तेजी को बल दिया, हालांकि अब तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। ऐसे में मौजूदा तेजी को काफी हद तक अनुमान आधारित माना जा रहा है। यदि यह खबर गलत साबित होती है तो ऊपरी स्तरों पर बाजार में करेक्शन देखने को मिल सकता है। कल बाजार बंद होते समय बड़ी तेल मिलों की खरीद अचानक कमजोर पड़ने से कुछ मंडियों में ₹100-150 तक का दबाव भी दिखाई दिया। इसी कारण आज कुछ स्थानों पर बाजार दबाव में रह सकता है। हालांकि फिलहाल बड़ी गिरावट की संभावना कम मानी जा रही है क्योंकि बाजार के मूलभूत कारक अभी भी मजबूत बने हुए हैं। घटती आवक, मजबूत तेल बाजार, किसानों की मजबूत पकड़ और सीमित स्टॉक तेजी के प्रमुख आधार बने हुए हैं। मंडी मार्केट का मानना है कि पिछले पांच दिनों में आई करीब ₹500 की तेजी को देखते हुए जिन व्यापारियों या किसानों को मुनाफावसूली करनी है, वे इन स्तरों पर कुछ माल हल्का कर सकते हैं।

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