8000 के आसपास सरसों में कंसोलिडेशन नए संकेतों का इंतजार

पिछले एक महीने से सरसों बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। जयपुर में 42% कंडीशन सरसों के भाव लगातार ₹7,900–8,000 प्रति क्विंटल के आसपास बने हुए हैं, लेकिन इस स्तर से ऊपर अभी तक कोई मजबूत और टिकाऊ तेजी देखने को नहीं मिली है। बाजार में फिलहाल न तो तेजड़ियों का दबदबा है और न ही मंदड़ियों का, जिसके कारण ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली और निचले स्तरों पर मजबूत खरीदारी के बीच कीमतें दायरे में बनी हुई हैं। ईरान-अमेरिका तनाव से बना अतिरिक्त वॉर प्रीमियम लगभग समाप्त हो चुका है और अब बाजार की दिशा मुख्य रूप से घरेलू एवं वैश्विक फंडामेंटल तय करेंगे। 29 जून को जयपुर सरसों 42% कंडीशन ₹25 की तेजी के साथ ₹7,950 प्रति क्विंटल पर बंद हुई। इसी प्रकार भरतपुर में भाव ₹29 बढ़कर ₹7,500 और चरखी दादरी में ₹50 की तेजी के साथ ₹7,650 प्रति क्विंटल रहे। सलोनी प्लांट कोटा और अलवर में भाव ₹8,650 तथा शमशाबाद में ₹8,725 प्रति क्विंटल दर्ज किए गए। देशभर में सरसों की दैनिक आवक बढ़कर लगभग 4.50 लाख बोरी रही। गोयल कोटा प्लांट में भाव ₹7,850, आगरा बीपी ₹8,260 और आगरा शारदा ₹8,170 प्रति क्विंटल रहे। कच्ची घानी तेल जयपुर ₹1,591, भरतपुर ₹1,585, अलवर ₹1,595 और मुरैना ₹1,595 प्रति 10 किलो पर कारोबार हुआ। वहीं सरसों खल जयपुर ₹3,070, भरतपुर ₹3,100, सुमेरपुर ₹3,111 और चरखी दादरी ₹3,020 प्रति क्विंटल रही। डीओसी में मंगल जयपुर ₹23,300, महेश कोटा एवं अलवर ₹24,000, मुरैना ₹24,000 तथा आरडीजी ₹23,800 प्रति टन पर कारोबार हुआ। वैश्विक बाजारों में खाद्य तेलों की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। हाल के दिनों में केएलसी पाम ऑयल और सीबीओटी सोया तेल पर दबाव देखने को मिला, जबकि कच्चे तेल में फिर से मजबूती के संकेत उभरे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और यदि स्थिति दोबारा बिगड़ती है तो खाद्य तेलों में वॉर प्रीमियम लौटने की संभावना बनी रहेगी। हालांकि मौजूदा समय में बाजार अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के साथ-साथ वास्तविक मांग और आपूर्ति के आधार पर दिशा तय करता दिखाई दे रहा है। घरेलू बाजार में खाद्य तेलों की मांग फिलहाल सामान्य से कमजोर बनी हुई है, लेकिन सक्रिय मानसून और आगामी त्योहारी सीजन की तैयारियों के साथ अगले 15–20 दिनों में मांग में सुधार की उम्मीद है। इससे सरसों तेल और सरसों बीज दोनों को समर्थन मिल सकता है। दूसरी ओर, कम उत्पादन, किसानों के पास सीमित स्टॉक और बाजार में लगातार घटती उपलब्धता जैसे मजबूत मौलिक कारक अभी भी सरसों की लंबी अवधि की तेजी के पक्ष में बने हुए हैं। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार यदि विदेशी बाजारों के दबाव या कमजोर मांग के चलते जयपुर सरसों के भाव ₹7,600 प्रति क्विंटल तक भी आते हैं तो इसे लंबी अवधि की खरीदारी का अच्छा अवसर माना जा सकता है। ₹7,600 का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। वहीं यदि जयपुर के भाव ₹8,000 के ऊपर टिकने में सफल रहते हैं तो बाजार में नई तेजी का संकेत मिलेगा, जिसके बाद ₹8,250 अगला प्रमुख रेजिस्टेंस होगा। अनुकूल परिस्थितियों में दीवाली तक ₹8,500 प्रति क्विंटल का स्तर भी देखने को मिल सकता है। फिलहाल निकट अवधि में बाजार के सीमित दायरे में रहने की संभावना है, जबकि दीर्घकालिक फंडामेंटल अभी भी तेजी का समर्थन कर रहे हैं।

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