मानसून फिर हुआ सक्रिय, 26 जुलाई तक कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

देश में मानसून की रेखा फिलहाल अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है। इसके साथ ही पंजाब, दक्षिण उत्तर प्रदेश, झारखंड और उससे सटे बिहार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा मध्य असम के ऊपर कई चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। झारखंड-बिहार से त्रिपुरा तक और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी से उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक ट्रफ लाइन बनी हुई है। इन सभी मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी। मध्य भारत की बात करें तो 20 से 26 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में बारिश का दौर जारी रहेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 22 से 24 जुलाई के दौरान तथा पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं विदर्भ में भी कई इलाकों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले कई दिनों तक व्यापक वर्षा की संभावना है। 20 जुलाई को बिहार में भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा झारखंड, ओडिशा और बिहार में कई स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 20 से 26 जुलाई के दौरान रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें तथा स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करें।

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