ग्राउंडनट बाजार को मजबूत तेल बाजार का सहारा, आगे कैसी रहेगी चाल?
ग्राउंडनट (मूंगफली) बाजार इस समय संतुलित से मजबूत स्थिति में बना हुआ है। सीमित आवक और किसानों की चरणबद्ध बिक्री के कारण बाजार पर अतिरिक्त दबाव नहीं बन रहा है। वहीं खाद्य तेल बाजार में मजबूती का असर ग्राउंडनट ऑयल पर भी दिखाई दे रहा है, जिससे बाजार की धारणा सकारात्मक बनी हुई है। व्यापारियों का मानना है कि यदि मांग इसी तरह बनी रही और सरकारी स्टॉक की बिक्री नियंत्रित रही, तो अच्छी गुणवत्ता वाली मूंगफली को आगे भी बेहतर भाव मिल सकते हैं। ग्राउंडनट ऑयल बाजार लगातार मजबूती दिखा रहा है। राजकोट में लूज तेल के भाव ₹1700 प्रति 10 किलो तक पहुंच चुके हैं, जबकि मुंबई और चेन्नई जैसे प्रमुख बाजारों में भी कीमतें स्थिर से मजबूत बनी हुई हैं। कमजोर गुणवत्ता वाले तेल में भी हाल के दिनों में सुधार देखने को मिला है, जो खाद्य तेल बाजार में बढ़ती मांग और बेहतर कारोबार का संकेत माना जा रहा है। बीज बाजार में फिलहाल न तो बड़ी तेजी दिखाई दे रही है और न ही किसी बड़ी गिरावट के संकेत हैं। सरकारी स्टॉक की बिक्री धीमी रहने से बाजार को राहत मिली है, हालांकि सरकार के पास अभी भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। इसलिए आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा काफी हद तक सरकारी बिक्री की गति पर निर्भर करेगी। यदि स्टॉक चरणबद्ध तरीके से बाजार में आता है तो दबाव सीमित रह सकता है, जबकि बड़े पैमाने पर बिक्री होने पर अल्पकालिक नरमी से इनकार नहीं किया जा सकता। राजकोट समेत प्रमुख मंडियों में अच्छी गुणवत्ता वाली मूंगफली की मांग बनी हुई है और प्रीमियम क्वालिटी के माल को बेहतर समर्थन मिल रहा है। बाजार विशेषज्ञ फिलहाल ट्रेंड को Steady to Firm मान रहे हैं। सीमित आवक, मजबूत खाद्य तेल बाजार और नियंत्रित बिकवाली से बाजार को सहारा मिल रहा है। ऐसे में किसानों के लिए जल्दबाजी में बिक्री करने के बजाय बाजार की चाल पर नजर रखते हुए चरणबद्ध तरीके से बिक्री करना अधिक लाभदायक रणनीति हो सकती है।