गेहूं बाजार में बढ़ी मजबूती, क्या 2900 रुपये का स्तर होगा अगला पड़ाव?
गेहूं बाजार में पिछले कुछ दिनों से तेजी का माहौल बना हुआ है और खरीदारों की सक्रियता लगातार बनी हुई है। प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में मांग मजबूत रहने से कीमतों को अच्छा समर्थन मिल रहा है। किसानों की सीमित बिकवाली और मिलों की नियमित खरीद भी बाजार को सहारा दे रही है। ऐसे में व्यापारियों की नजर अब इस बात पर है कि क्या यह तेजी अगले स्तर तक पहुंच पाएगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हालात गेहूं के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं। प्रमुख उत्पादक देशों में उत्पादन को लेकर अनिश्चितता, आपूर्ति संबंधी चिंताएं और बढ़ती लॉजिस्टिक लागत ने वैश्विक बाजार को मजबूती दी है। इसके साथ ही कुछ आयातक देशों की सक्रिय खरीद से भारतीय गेहूं की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति बेहतर हुई है, जिससे घरेलू बाजार की धारणा भी सकारात्मक बनी हुई है। घरेलू स्तर पर सरकार के पास पर्याप्त गेहूं भंडार मौजूद है, लेकिन खुले बाजार में बड़ी मात्रा में बिक्री शुरू न होने से निजी खरीदार अभी भी खुले बाजार पर निर्भर हैं। वहीं मानसून की प्रगति पर भी व्यापार की पैनी नजर बनी हुई है। यदि मौसम सामान्य रहता है तो नई फसल को लेकर चिंता कम होगी, लेकिन किसी भी तरह की मौसम संबंधी अनिश्चितता बाजार में तेजी को और बल दे सकती है। फिलहाल बाजार का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। यदि मजबूत मांग और वैश्विक समर्थन जारी रहता है, तो गेहूं के भावों में और सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि सरकारी बिक्री नीति, घरेलू स्टॉक की उपलब्धता और मौसम की स्थिति आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने वाले सबसे महत्वपूर्ण कारक रहेंगे। ऐसे में किसानों और व्यापारियों के लिए बाजार पर लगातार नजर बनाए रखना आवश्यक होगा।