सरसों बाजार में मजबूती कायम, जयपुर 8,500 के करीब; आगे 8,800 की नजर
सरसों बाजार में फिलहाल मजबूती का माहौल बना हुआ है। सीमित मंडी आवक, किसानों और स्टॉकिस्टों की नियंत्रित बिकवाली तथा तेल मिलों की जरूरत आधारित खरीद ने भावों को सहारा दिया है। जयपुर में सरसों 8,475–8,500 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास कारोबार कर रही है, जबकि भरतपुर 8,780 (+25), सुमेरपुर 8,500–8,540, अलवर 8,150 (+50), धौलपुर 8,150 (+40) और सिवानी 41 लैब 8,150 (+50) जैसे भाव बाजार में मजबूती का संकेत दे रहे हैं। अन्य प्रमुख बाजारों में गोयल कोटा 8,400, आदमपुर 7,900 के आसपास, अशोकनगर 7,500–7,600 और गंजबासौदा 7,200–7,800 रुपये प्रति क्विंटल के भाव दर्ज किए गए हैं। अलग-अलग मंडियों में क्वालिटी और आवक के अनुसार भावों में अंतर बना हुआ है। कुछ बाजारों में तेजी सीमित है, लेकिन बड़ी गिरावट के संकेत फिलहाल कमजोर दिखाई दे रहे हैं। सरसों तेल और खल की मांग भी बीज बाजार को सपोर्ट दे रही है, जिससे क्रशिंग प्लांटों की खरीदारी बनी हुई है। आगे बाजार की नजर जयपुर के 8,500 स्तर पर रहेगी। यदि इस स्तर के ऊपर बाजार टिकता है और मंडियों में आवक सीमित रहती है, तो 8,800 रुपये की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना बन सकती है। हालांकि ऊंचे भाव पर मुनाफावसूली से अल्पकालिक उतार-चढ़ाव भी आ सकता है। इसके अलावा सोयाबीन की उपलब्धता, पाम ऑयल और अन्य खाद्य तेलों के भाव, खरीफ तिलहन की बुवाई तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत भी सरसों की अगली चाल को प्रभावित करेंगे। कुल मिलाकर, सरसों बाजार का रुख अभी मजबूत से सकारात्मक बना हुआ है। किसानों के लिए बाजार की तेजी को देखते हुए चरणबद्ध बिक्री पर विचार करना बेहतर हो सकता है, जबकि व्यापारियों को केवल एक मंडी के भाव के आधार पर फैसला लेने के बजाय जयपुर, भरतपुर, सुमेरपुर, अलवर, धौलपुर, सिवानी और कोटा जैसे प्रमुख बाजारों की आवक व भावों की तुलना करनी चाहिए। आगे की तेजी के लिए जयपुर में 8,500 के ऊपर टिकाव, प्लांट खरीद और सरसों तेल की मांग सबसे महत्वपूर्ण संकेत रहेंगे।