देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट, मध्य भारत और राजस्थान में तेज बारिश की संभावना

देश में मानसून सक्रिय बना हुआ है और अगले एक सप्ताह के दौरान कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बनने वाली नई मौसम प्रणाली बारिश की गतिविधियों को बढ़ा सकती है। मध्य भारत में बारिश तेज होने के आसार उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अगले कुछ दिनों में मध्य भारत के मौसम को प्रभावित करेगा। 11 से 15 अगस्त तक पश्चिमी मध्य प्रदेश, जबकि 11 से 17 अगस्त तक पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में व्यापक बारिश की संभावना है। 11 अगस्त को पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 11 से 13 अगस्त के बीच पश्चिमी मध्य प्रदेश और 13 से 16 अगस्त के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में भी 11 से 14 अगस्त के दौरान भारी बारिश और 11 से 15 अगस्त तक गरज-चमक के साथ आंधी की संभावना है। विदर्भ में 12-13 और 17 अगस्त को व्यापक बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत में बारिश उत्तर-पश्चिम भारत में 11 से 17 अगस्त के दौरान हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में व्यापक बारिश का अनुमान है। राजस्थान में 11 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 11 अगस्त तथा 13-14 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 11-12 तथा 14-15 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। पंजाब में 14 अगस्त को और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 14 से 17 अगस्त के बीच व्यापक बारिश की संभावना है। पूर्वी भारत में बारिश का दौर जारी पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 11 से 17 अगस्त तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 12 से 17 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है। बिहार में 14 से 17 अगस्त के दौरान बारिश बढ़ सकती है। वहीं, 11 से 13 अगस्त के दौरान ओडिशा में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 11-12 अगस्त को 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, झोंकों में 70 किमी प्रति घंटे तक, चलने की संभावना है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी सक्रिय रहेगा मानसून अरुणाचल प्रदेश तथा असम और मेघालय में 12 से 17 अगस्त, जबकि नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 17 अगस्त तक व्यापक बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में 15 से 17 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर राज्यों में गरज-चमक और आंधी की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। महाराष्ट्र और गुजरात में बारिश पश्चिमी भारत में 11 से 17 अगस्त तक कोंकण और गोवा, जबकि 11-12 अगस्त को मध्य महाराष्ट्र में व्यापक बारिश की संभावना है। गुजरात क्षेत्र में 11 से 13 अगस्त तक बारिश की गतिविधियां सक्रिय रह सकती हैं। 12 अगस्त को मध्य महाराष्ट्र में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मराठवाड़ा तथा सौराष्ट्र-कच्छ में भी 11 से 17 अगस्त के बीच बारिश का दौर जारी रह सकता है। दक्षिण भारत में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट दक्षिण भारत में तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 11 से 17 अगस्त तक बारिश की संभावना है। तेलंगाना में 11 से 16 अगस्त तक बारिश का दौर बना रह सकता है। कर्नाटक और केरल में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। 11 से 13 अगस्त के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। तेलंगाना में 11 से 14 अगस्त के दौरान 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, झोंकों में 50 किमी प्रति घंटे तक, चलने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में नई मौसम प्रणाली उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से 12 अगस्त के आसपास इसी क्षेत्र में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बनने के बाद पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। मौसम का मुख्य असर आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, पूर्वी भारत, महाराष्ट्र, गुजरात और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश पर नजर रहेगी। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और तेज हवाओं को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है।

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