सोयाबीन के भाव कमजोर, घरेलू मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार अहम
सोयाबीन बाजार में बुधवार को फिर कमजोरी देखने को मिली। कीर्ति प्लांट का भाव 60 रुपये घटकर 7360 रुपये प्रति क्विंटल रहा। प्रमुख मंडियों में अमरावती 6800, बार्शी और वाशी 6900, वाशिम व खामगांव 6950 रुपये के आसपास रहे। मध्य प्रदेश में इंदौर 6700, उज्जैन 6750, देवास 6800 और अशोकनगर करीब 7000 रुपये पर कारोबार करता रहा। देश के बाजार में सोयाबीन के भाव पर केवल मंडी आवक ही नहीं, बल्कि सोया तेल और सोया डीओसी की मांग का भी असर पड़ता है। भारत अपनी खाद्य तेल जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय सोया तेल, पाम तेल और सूरजमुखी तेल के भाव में बदलाव भारतीय बाजार को प्रभावित करते हैं। USDA के अनुसार 2026/27 में भारत में सोया क्रश बढ़ने का अनुमान है, जिससे घरेलू तेल और खली की उपलब्धता भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्राजील की बड़ी सोयाबीन आपूर्ति और चीन की खरीदारी बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक हैं। 2026/27 में ब्राजील का उत्पादन रिकॉर्ड 186 मिलियन टन और निर्यात करीब 117.5 मिलियन टन रहने का अनुमान है। वैश्विक स्तर पर ज्यादा सप्लाई रहने पर कीमतों पर दबाव बन सकता है, जबकि चीन की मजबूत मांग या अमेरिका-चीन व्यापार में बदलाव से अंतरराष्ट्रीय भाव में तेजी आ सकती है। किसानों के लिए फिलहाल 7200�7050 रुपये का क्षेत्र महत्वपूर्ण सपोर्ट है, जबकि 7500�7600 रुपये के ऊपर मजबूती आने पर भाव में सुधार की संभावना बढ़ सकती है। साथ ही मौसम, नई फसल की स्थिति, मंडी आवक, सोया तेल-डीओसी की मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर नजर रखना जरूरी है। भारत में 2025/26 के दौरान कमजोर सोयाबीन उपलब्धता और महंगी सोया डीओसी के कारण आयात बढ़ने की बात USDA ने भी कही है, इसलिए घरेलू सप्लाई में बदलाव का असर आगे भाव पर पड़ सकता है।