चावल में और तेजी की संभावना

सरकार द्वारा 2 महीने पहले बासमती प्रजाति के चावल पर 1200 यूएस डॉलर से कम बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, इसमें संशोधन करके सरकार ने 950 डॉलर प्रति टन पर निर्यात कंडीशन कर दिया गया है, जिससे बाजार लगातार बढ़ते जा रहे हैं। धान के ऊंचे भाव होने से मीलिंग पड़ता महंगा हो गया है, जिससे राइस मिल वाले माल बेचने से पीछे हट गए हैं। फलतः बाजार पिछले 5 दिनों के अंतराल 300/400 रुपए प्रति कुंतल बढ़ गए हैं तथा आगे भी और तेजी लग रही है। इस बार अल नीनो के प्रभाव से सभी तरह के धान का उत्पादन कम हुआ है, इसे देखकर राइस मिलर्स एवं निर्यातक दोनों ही खरीद में आ गए हैं, जिसके चलते चावल की अपेक्षा धान में ज्यादा तेजी आ गई। सरकार द्वारा देश में चावल की महंगाई को नियंत्रित करने के लिए बासमती प्रजाति के चावल के निर्यात पर न्यूनतम प्राइस 1200 डॉलर प्रति टन कर दिया गया था, उसे फिर पिछले महीने 950 डॉलर प्रति टन कर दिया गया, जिसके चलते 1509 एवं 1121 सेला चावल व स्टीम में भारी तेजी आ गई है। दूसरा एक महत्वपूर्ण कदम यह उठाया गया है कि गैर बासमती चावल जैसे आर एच 10, पीआर 6 सहित विभिन्न तरह के मोटे चावल एवं बासमती प्रजाति के चावल की मीडियम क्वालिटी के चावल पर निर्यात में 20 प्रतिशत का शुल्क लगा दिया गया है। इसके प्रभाव से गैर बासमती चावल की तेजी को विराम लग गया। गौरतलब है कि धान की फसल तैयार होकर 70 प्रतिशत कट चुकी है। कहीं अत्यधिक वर्षा एवं कहीं बाढ़ तथा कहीं सूखा के चलते धान की फसल को व्यापक नुकसान हुआ है, जिससे आई हुई बासमती प्रजाति के धान में प्रति हेक्टेयर उत्पादकता कम बैठ रही है, इसे ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा घरेलू मंडियों में आम उपभोक्ताओं को चावल मुहैया कराने के लिये मुफ्त वितरण की योजना बनाई गई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चावल के भाव इतने ऊंचे हैं कि निर्यातक हर भाव में माल खरीद रहे हैं तथा शरबती चावल में विशेष तेजी आई है, क्योंकि सेला व स्टीम, मिक्सिंग में जाने लगा है। बासमती प्रजाति के सभी धान की आपूर्ति मंडियों में काफी कम हो जाने तथा मिलिंग पड़ता 200 रुपए प्रति कुंतल महंगा होने से 1509 चावल के सेला व स्टीम तथा 1121 एवं 1718 आदि सभी चावल में भारी तेजी आ गई है। धान की आपूर्ति में कमी होने से मंदी की धारणा पूरी तरह समाप्त हो गई है तथा बासमती प्रजाति के सभी चावल में 300/400 रुपए प्रति कुंतल की शीघ्र और तेजी की संभावना बन गई है।

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